दोस्त ...दोस्ती .....

जन्नत की मौत के लिए क्यों लड़े
अगर जहन्नुम में साथ मस्ती का जहाँ है
दोस्तों के साथ हारे तो गम नहीं
अकेली जीत में वो बात कहाँ है!!!!

मजे मजे में मजे ले जाये
दोस्ती वो कामिनी वफ़ा है
हर शाम जशन के लिए तैयार सब
क्या पता कब तक साथ बंधा है!!!!

जानेमन होने का एहसास न दे
दोस्तों की बातों में वो दुआ है
इश्क तो फ़िर भी ग़मगीन कर देगा
दोस्ती से सदा खुशनुमा समां है!!!!

आज जिन्दगी बहुत कुछ मांगती है
दोस्ती मे भी स्वार्थ छिपा है
इतने बेरुखे क्यों बने हम
दिल से देखेंगे तो दोस्त आज भी वही खड़ा है!!!!

JST FRIENDS....no love making only heart breaking!!!

one life to live
many faces to love
idiot heart rests on one
dettol guy goes for dove....

luv breeding strts soon
knowing her is d only passion
regular college is back too
day-dreaming is d fav occupation....

now indications seem ripe enuf
interactions show linear variation
flaunt d best proposal stuff
ALAS her xpressions shw negative mutation....

my family doesn't allow this
never thought of u for dis
neways u r a gud guy
WE ARE JUST FRIENDS THTS IT!!!!!

a sucking relation is born
JUST FRIENDS tag is al freaking
it means only one thing
NO LOVE MAKING ONLY HEART BREAKING!!!!!


no holding of hands
only fucking hand-shakes r allowed
u r not d special one
jst a part of gud friends' crowd....

heart is too gud to part ways
so always sport tht fake smile
block all d hope rays
dare not think of her as ur bride....

first one to wish on every occasion
u wnt d sweet heart she uses only dear
she is ready to sit on d pillion
but mind it no change of gear....

all dese coz a sucking relation is born
JUST FRIENDS tag is all freaking
it means only one thing
NO LOVE MAKING ONLY HEART BREAKING!!!!

now its no use longing for her
but story doesn't end here
sicko heart has no other job to do
u r still gifting her a CUTE teddy bear....

not her fault if she didnt fall
but u hav 1 thing to always wonder
wats wrong wid u or ur style
she says u r her commandent not her alexander....

sicko heart waiting for a miracle
but doesnt know guy's feelings go in total vain
gals only recite sweet words
for them feelings r completely INSANE....

but still we r dumb enuf
a 'HI' is enuf for love to pour again
JUST FRIENDS relation is wat we adjust to
sicko heart beats for her without shame!!!!!!!!!

e :)

मैं, वो, और रात...

है चाँद की जो दास्ताँ
वो रात की किताब में
जुदा वो और बातें रात की
होठ थरथरा रहे यादो के सैलाब में
अब फुरकत की इन्तहा न करो
कमी लाओ अपने रुबाब में
बस करो ये ही दुआ
हो मैं, वो, और रात साथ में.......


है गुल को क्या ऐतराज़
वो तो कब्र में भी महकता है
जुदा है दोनों तो क्या
तन्हाई बीते पालो पर फ़िदा है
हैरत हुई खुदा को मेरी मुस्कान से
तभी कमी नही लाता अपने रुबाब में
मेरे पास तो एक ही दुआ है
हो मैं, वो और रात साथ में...........

जियो जूनून की हद तक!!!!!!

शमशीर की धार पर चला लो मुझे
इतनी तौफीक रखता हूँ
रकीब कितना खफा सही
उसकी बज्म में नज़्म पढता हूँ
सिर्फ़ खुदा के आगे सजदा हूँ
मैं जूनून की हद तक जीता हूँ!!!


दीवान--ख़ास सभी यहाँ पर
खुशामद नही दुआ सलाम करता हूँ
फिजा में थोड़ा रंज सही पर गम नही
ऐसा फतवा जारी करता हूँ
सिर्फ़ खुदा के आगे सजदा हूँ
मैं जूनून की हद तक जीता हूँ!!!!


इंतकाम इंतज़ार के तो सभी मारे है
मैं तो हालात को फना करता हूँ
झील में तो बाकी आशिक फिरते है
मैं तो दरिया को भी रूमानी रखता हूँ
सिर्फ़ खुदा के आगे सजदा हूँ
मैं जूनून की हद तक जीता हूँ!!!!!

प्रेयसी ........

विचार दृढ, स्वभाव शीतल
महत्वकांशी उड़ान की वाहिनी हो
त्वचा कोमल, अदभूत सौंदर्य
खिले कपोल, चंचल मृगनयनी हो
मैं नतमस्तक निस्वार्थ प्रेमी हूँ
मेरी कविता, मेरे गीतों की रागिनी हो!!!



संस्कारी गुण, स्वतंत्र आचार
विषमता में भी धीर धारिणी हो
प्रेरणादायी जीवन, तुम उच्च शिक्षित
कर्मठता की सारिणी हो
मैं नतमस्तक निस्वार्थ प्रेमी हूँ
मेरी कविता, मेरे गीतों की रागिनी हो!!!!१


नव वस्त्र शौकीन, नृत्य चेतनात्मक
मुस्कुराती तुम पवित्र क्रोधाग्नि हो
परस्पर सहयोग, भावनात्मक हृदय
प्रेम विमुख, मेरे दुखो की तारिणी हो
मैं नतमस्तक निस्वार्थ प्रेमी हूँ
मेरी कविता,मेरे गीतों की रागिनी हो!!!!

शायर की मोहब्बत!!!!!!..

जो होना था उसकी फरमाइश थी
जो हुआ उसकी कहाँ ख्वाइश थी
साकी से नफरत करने लगा शायर
भूल गया होश में ही चोट खाई थी!!!!!


खता तुझसे कभी होती नही
फ़िर भी फरियाद तेरी वो सुनती नही
अब तो मोहब्बत कर बैठा शायर
पहले सोचना था जब ये आग लगायी थी!!!!


तुझे उसे कहना बहुत कुछ है
लफ्जों की तुझमे कहाँ कमी है
फ़िर भी खामोश रहता है शायर
सब बेवफा, जिसने साथ दिया तन्हाई थी!!!!


इल्म होता नही उसको बेकरारी का
फिजूल ही लुत्फ़ उठाती है शायरी का
एक इकरार करता है आज शायर
अल्फाज़ की दुनिया उसी के लिए सजाई थी!!!!!!

when propose is rejected....

बरसती चांदनी सब पर
चाँद किसी को मिलता नही
लपट सीने में ऐसी है
लोहा पिघले,दिल पिघलता नही
बदरंग लगती है जो
ये शाम सिन्दूरी है
शायर, एक बार फ़िर
प्रेम कहानी रह गई अधूरी है!!!


उनके नैनो की भाषा
काश हम सही समझते
इशारे उनके कुछ नही थे
हम यू ही दीवाने बनते
तौफीक इज़हार का जो कर बैठे
अब महखाने के हम ही एक दिखते फितूरी है
शायर, एक बार फ़िर
प्रेम कहानी रह गई अधूरी है!!!!!!

पंछी...

अरनवी का इस्तकबाल करता हूँ
मुझे चूमती सूरज की लालिमा है
दाना पानी खुदा की नेमत
फ़िर भी निकल पड़ता मेरा कारवां है
पतंग नही डोर से लिपट उडू
मेरी तम्मना उड़ान,रखना निचे जहान है
चाहे पंछी हूँ या ख्वाब हूँ
आसमान ही मेरा आशियाँ है!!!!


हवा का रुख चाहे विरूद्ध हो
पंखो को नही समेटना है
मुझे अपनी डाली का पता याद है
सांझ पड़े वही वापस लौटना है
धरती पर सबके ठिकाने है
यहाँ तो मैं हूँ,मेरा पूरा आसमा है
चाहे पंछी हूँ या ख्वाब हूँ
आसमान ही मेरा आशियाँ है!!!!!!

love ....in crush!!!...on demand

सावन की रिमझिम की चाह है
कम लगता दरिया का पानी है
दीदार तो हाथ की रेत है
जितना पकडो उतनी फिसल जानी है
मुझे इज़हार में हिचकिचाहट है
ये समझदारी है या नादानी है
मेरे लिए तो इश्क है
बाकी दुनिया के लिए कहानी है!!!


हर पल उनके बारे में सोचो
फ़िर भी ख्यालो में खीचातानी है
गुफ्तगू कितनी भी कर लो
उनकी हर एक बात याद मुह जबानी है
शिकार में घुमने की इच्छा नही
यहाँ नज़रें मिलना ही सबसे रूमानी है
मेरे लिए तो ये इश्क है
बाकी दुनिया के लिए कहानी है!!!!

सब्र की नसीहते मिलती है
यहाँ तो धीर धरना लगता बेमानी है
वो भी तो दिल से थोड़ा सोचे
कब करेंगी, एक ही तो जिंदगानी है
अकेले में गुमसुम रहता हूँ
सबको दीवानगी से परेशानी है
मेरे लिए तो ये इश्क है
बाकी दुनिया के लिए कहानी है!!!!

जनाजे में तो......

रंज की गुफ्तगू से क्यो रिश्ते में दाग
मोहब्बत की आरजू में ही परवाने जलते है
मुस्कुराकर मिलो सबसे, चार पल की ज़िन्दगी है
वरना ज़नाजे में तो सभी साथ चलते है!!!!

दूसरे के ज़ख्म पर तू लतीफे लिखता है
वो भी तेरे ज़ख्म नमक से भरते है
ज़ख्मो को पिरो दे, बना सबको मुस्तफा
वरना ज़नाजे में तो सभी साथ चलते है!!!!!

बदन की चाह रख, ख़ुद को आशिक कहता है
ऐसे तो यहाँ सिर्फ़ बाजारों में फिरते है
इश्क इबादत है,पाक है, उसे रूह से कर
वरना ज़नाजे में तो सभी साथ चलते है!!!!!

भारत में क्रांति...

गुलामी की चादर फ़िर ओढ़ लो
आज़ादी तुमको ज़चीही नही
अमेरिकन चश्मे से तरक्की मत नापो
देसी आखो से देखो हालत है बिगड़ी हुई
जो ज्यादा मिठास घुली है आज़ादी में
बना लो नमक,दांडी की पगडण्डी अभी भी वही
चेत जाओ अब तो मेरे सारे भारतवासी
कहेगी दुनिया,भारत में क्रांति हुई थी कभी!!!


पहले जो नेता कहलाते थे
वो आन्दोलन करते थे राजनीति नही
सत्ता के प्यासे गिद्ध जो उड़ रहे है
वो सब चूस लेंगे,बचेगी नही निशानी कोई
जो ये शब्द नही लगते अच्छे तुमको
पूछो आधी आबादी से,जो गर्त में है डूबी कही
चेत जाओ अब तो मेरे सारे भारतवासी
कहेगी दुनिया,भारत में क्रांति हुई थी कभी!!!!


संस्कृति के मेले लग रहे वीराने में
संस्कारो की भाषा पड़ी तहखाने में कही
नारी का उत्थान हो रहा यहाँ
लोगो की आखो में लज्जा बची ही नही
धर्म का चोगा सब पहने डोळ रहे है
अब यहाँ भक्त ही भक्त है भगवान् नही
भ्रष्टाचार का किस्सा जो मैं लिखने बैठू
तो कम पड़ जायेंगे हिन्दी के शब्दकोष सभी
चेत जाओ मेरे सारे भारतवासी
कहेगी दुनिया,भारत में क्रांति हुई थी कभी!!!!!!

इश्क करके देखो...

तुम कहती हो उम्र का दस्तूर है
ये तो हर रूह में बसती है
तुम कहती हो,इश्क की इजाज़त नही
उल्फत कहा किसी का फरमान सुनती है
तुम आईने में देखती हो रूप
सुन्दरता फ़िर भी फीकी दिखती है
इश्क करके तो देखो एकबार
दुनिया कितनी हसीन लगती है!!!

नज़रें मिले तो कहती हो धोखा है
यहाँ तो नींद में भी पलके नही झुकती है
तुम्हे तो इश्क ही फिजूल लगता है
कितनो की साँसे इसी से चलती है
तुम्हे इनकार का हक मिला है
रब से हुई यही एक गलती है
इश्क करके तो देखो एकबार
दुनिया कितनी हसीन लगती है!!!!!!

तेरी भी हस्ती है...

मिट्टी का कण दिखता है
जब लगता जमाने का हिसाब है
बूँद भर मोहब्बत लेकर डोलता है
यहाँ समंदर भी तालाब है
खुदा के नाम को क्यो रोता है
अपना वजूद बना इस आशियाने में
खुदा ख़ुद पैगाम लेकर आएगा
शायर, तेरी भी हस्ती है जमाने में!!!


हुस्न की चौखट पर क्यो ताकता है
वह तो मिराज़ की रेत तपती है
तू हसिनाओ के आगे नतमस्तक है
वो तुझपर पीछे से फब्तिया कसती है
इश्क का अगर इतना ही छाया सुरूर है
तो दिखा जलवा कुछ ऐसा तराने में
हसिनाये ख़ुद आकर कहेंगी
शायर, तेरी भी हस्ती है जमाने में!!!!!

रात का इंतज़ार.....

न मुक्कमल पाने की ख्वाहिश है
न बेहिसाब अय्याशी की फरमाईश है
होश की फिजा से घुटन होती है
शाम होते ही प्याले गटकता हूँ
चाँद की राह तकता हूँ
मैं रात का इंतज़ार करता हूँ

धूप में जिंदगी के संघर्ष की तपन है
छाँव दूर खड़ी है अपने में मग्न है
दिन में देखो जिन्दगी पहेली है
रात होती है तो जिंदगी को समझता हूँ
चाँद की राह तकता हूँ
मैं रात का इंतज़ार करता हूँ

दिन में परछाई की वफ़ा सबको मिलती नही
दिल नही लगा हमसे तो परछाई की गलती नही
रात में तो हर प्रेमी रोता है
कहता है अंधेरे में परछाई को तरसता हूँ
चाँद की राह तकता हूँ
मैं रात का इंतज़ार करता हूँ.......

कविता...

एक प्रवाह है वो,एक विचारमाला है
क्रान्ति का अलाव है,प्रेम की मधुशाला है
सभ्यता के दरिया से जो जुड़ती है
कविता साहित्य की वो सरिताधारा है!!!

नभ को नापा है इसने,सागर सुखाया है
धर्म को झुठलाया इसने सिर्फ़ प्रेम अपनाया है
विराम इसकी परिभाषा नही,इसमे डूबा संसार सारा है
कविता साहित्य की वो सरिताधारा है!!!

कवि की जीविका,नारी की उन्मुक्तता है
तनहा व्यक्ति के वक्त का फलसफा है
ये तो हर प्रेमी के जीने का सहारा है
कविता साहित्य की वो सरिताधारा है!!!!

आन्दोलन को आन्दोलन ये बना जाए
श्रृंगार रस की अधिकता वीररस में बदल जाए
समाज का सच्चा आइना ही इसका पिटारा हो
तभी कविता साहित्य की सच्ची सरिताधारा हो!!!!!!

दारू!!!

ग़लतफहमी नही है मेरी
ये सरे गम भुलाती है
महफिल मैं हो अगर अजनबी
तो उनको यार ये बनाती है
हुस्न को देती है ये तारीफ
उनसे ताने ये लाती है
दुनिया कहती है पत्थर
इंसान तो हमे दारू बनाती है!!!!

होश मैं रहते है
तो आँखें ख्वाब दिखाती है
शराफत से जीते है
तो जिन्दगी झूठ बुलवाती है
हमे तो नाज़ है इसकी नेक्परस्ती पर
सच को होठो पर तो दारू ही लाती है
दुनिया कहती है पत्थर
इंसान तो हमे दारू बनाती है!!!!!

हमे जब वो दिखती है
तो यादें सितम ढाती है
वो हमारे है नही
ये जानकर मोहब्बत भी मुस्कुराती है
इश्क में रोना छोड़ दिया हमने
उनके नाम के आंसू तो दारू बहाती है
दुनिया कहती है पत्थर
इंसान तो हमे दारू बनाती है!!!!

मिलते तो यार रोज़ है
रंग तो महफिले जमाती
है
बातों मैं खुमार दिखता है
महफिल की शान बढाती है
दगाबाज़ तो हम भी है और यार भी
सच्ची यारी तो दारू निभाती है
दुनिया कहती है पत्थर
इंसान तो हमे दारू बनाती है!!!!!!!!

ख्वाब तारे है मेरे.......

ख्वाब तारे है मेरे
पंखो से वह तक जाना है
जो रुकना पड़े अगर बीच मैं
तो अब्र से अपनी प्यास बुझाना है!!!

रात की चांदनी मैं नही
मुझे धुप मैं तपकर जाना है
लोहा नही हूँ जो पिघलू
मुझे तो ख़ुद से सोना बनाना है
ख्वाब तारे है मेरे
पंखो से वह तक जाना है!!!!

धरती दिखती नही है वह से
लोगो ने अब तक ये माना है
धरती को वहा से देखना है
मुझे लोगो को झुटलाना है
ख्वाब तारे है मेरे
पंखो से वहा तक जन है!!!!!!!

शायरी!!

परवाने को शमा को एक नजराना और देना है,
कतरा कतरा खून को आखिरी बूँद तक बहना है,
बुझा कैसे दे इस सुलगते अंदाज़ को,
अभी जिन्दगी का आखिरी कश लेना है!!!!


महखाने से बड़ी जिन्दगी है
पैमाना भर मोहब्बत नही है
तन्हाई को पीकर दुबे जा रहे है
हमे बचा ले इतनी किसी को फुर्सत नही है!!!!


हमारे इश्क का कुछ मत पूछो
वो तो उस हुस्न की अमानत है
हम इंतज़ार करेंगे उनका क़यामत तक
बस येही हमारी इश्क में शहादत है
लबो से अपने कुछ कह पाते
नही हुई हमसे वो जुर्रत है
नजरो से ही करते रहे
कहता जमाना जिसे मोहब्बत है!!!!


जो गिरे अगर आंसू तो प्यास तेरी है
कश्ती अगर टूटे तो मेरे साहिल में देरी है
तू दिखा कायनात को अपनी खुदाई
खून बहेगा आंसू नही इतनी औकात मेरी है!!!!!