शायरी!!

परवाने को शमा को एक नजराना और देना है,
कतरा कतरा खून को आखिरी बूँद तक बहना है,
बुझा कैसे दे इस सुलगते अंदाज़ को,
अभी जिन्दगी का आखिरी कश लेना है!!!!


महखाने से बड़ी जिन्दगी है
पैमाना भर मोहब्बत नही है
तन्हाई को पीकर दुबे जा रहे है
हमे बचा ले इतनी किसी को फुर्सत नही है!!!!


हमारे इश्क का कुछ मत पूछो
वो तो उस हुस्न की अमानत है
हम इंतज़ार करेंगे उनका क़यामत तक
बस येही हमारी इश्क में शहादत है
लबो से अपने कुछ कह पाते
नही हुई हमसे वो जुर्रत है
नजरो से ही करते रहे
कहता जमाना जिसे मोहब्बत है!!!!


जो गिरे अगर आंसू तो प्यास तेरी है
कश्ती अगर टूटे तो मेरे साहिल में देरी है
तू दिखा कायनात को अपनी खुदाई
खून बहेगा आंसू नही इतनी औकात मेरी है!!!!!

2 comments:

  1. हमारे इश्क का कुछ मत पूछो
    वो तो उस हुस्न की अमानत है
    हम इंतज़ार करेंगे उनका क़यामत तक
    बस येही हमारी इश्क में शहादत है
    लबो से अपने कुछ कह पाते
    नही हुई हमसे वो जुर्रत है
    नजरो से ही करते रहे
    कहता जमाना जिसे मोहब्बत है!!


    awsome yaar...

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