धुएँ की छुअन सा एहसास है
महसूस न होने का रिवाज़ है
एक तरफ़ा इश्क़ है ही वो जज़बा
दुआ में किसी काफिर का अलफ़ाज़ है।
शिकवो शिकायतों का दौर जरा पुराना है
जुनून इसका रहम कि उम्मीद का मिज़ाज़ है
एक तरफ़ा इश्क़ से कर ली तौबा जिसने
वही जहां में क़ाज़ी है वही सरफ़राज़ है !
इतनी निकम्मी हुई है कायनात
नवाज़ा गफलतों का शहज़ादा का खिताब है
एक तरफ़ा इश्क़ क्या कर लिया मैंने
दोजक वालो को भी मुझसे अब ऐतराज़ है !!
महसूस न होने का रिवाज़ है
एक तरफ़ा इश्क़ है ही वो जज़बा
दुआ में किसी काफिर का अलफ़ाज़ है।
शिकवो शिकायतों का दौर जरा पुराना है
जुनून इसका रहम कि उम्मीद का मिज़ाज़ है
एक तरफ़ा इश्क़ से कर ली तौबा जिसने
वही जहां में क़ाज़ी है वही सरफ़राज़ है !
इतनी निकम्मी हुई है कायनात
नवाज़ा गफलतों का शहज़ादा का खिताब है
एक तरफ़ा इश्क़ क्या कर लिया मैंने
दोजक वालो को भी मुझसे अब ऐतराज़ है !!
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